वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 का बजट पेश करते हुए मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत दी है। इस बार टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया है, जिससे करदाताओं की जेब में अधिक पैसा बचेगा।
मुख्य घोषणाएं:
12 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं (पहले यह सीमा 6 लाख रुपये थी)।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि, जिससे नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
गृह ऋण (होम लोन) पर ब्याज दरों में छूट बढ़ाई गई।
बजट के बाद बाजार पर असर:
बजट घोषणाओं के बाद बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर में सकारात्मक रुझान दिखा। इसके अलावा, सरकार ने मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के तहत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की योजना बनाई है, जिससे नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।

आम लोगों को फायदा कैसे होगा?
बचत में वृद्धि: टैक्स छूट बढ़ने से बचत ज्यादा होगी, जिससे लोग ज्यादा खर्च कर सकेंगे।
खपत में बढ़ोतरी: मध्यम वर्ग के पास ज्यादा पैसा रहेगा, जिससे ऑटो, FMCG और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को फायदा होगा।
आर्थिक विकास को गति: जब लोगों की जेब में ज्यादा पैसा होगा, तो अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी, जिससे GDP ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, इस बजट से मध्यम वर्ग को राहत मिली है और सरकार की रणनीति उपभोग बढ़ाने पर केंद्रित है।